
छोटे बच्चों की सर्दियों में ख़ास देखभाल के 8 टिप्स
सर्दियों में छोटे बच्चों की देखभाल करना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है और ठंड के कारण बीमार होने का खतरा बढ़ जाता है।
सर्दियों में छोटे बच्चों की देखभाल करना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है और ठंड के कारण बीमार होने का खतरा बढ़ जाता है।
बच्चों के लिए स्तनपान (ब्रेस्टफीडिंग) सबसे स्वाभाविक और पोषक रूप है, लेकिन कई माताएँ ऐसे हालात में होती हैं जब उन्हें ब्रेस्टफीडिंग के बजाय पंप किया हुआ दूध (expressed milk) देना पड़ता है।
अन्नप्राशन संस्कार में बच्चे को चांदी के बर्तन में खाना खिलाने की परंपरा का वैज्ञानिक और सांस्कृतिक दोनों ही महत्व है। चांदी में एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल गुण होते हैं, जो खाने को लंबे समय तक सुरक्ष
ब्रेस्टफीडिंग के बाद मां और बच्चे दोनों की सेहत का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। सबसे पहले, बच्चे को सही तरीके से डकार दिलाएं ताकि पेट में गैस न बने। इसके बाद, अगर बच्चा सो जाए तो उसे सीधे न लिटाएं, बल्कि
प्रेगनेंसी के दौरान कटहल खाना सुरक्षित होता है, लेकिन इसे सीमित मात्रा में खाना चाहिए। कटहल में कई पोषक तत्व होते हैं, जैसे विटामिन ए, सी, पोटैशियम और फाइबर, जो प्रेगनेंसी के दौरान फायदेमंद हो सकते है
बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए दिन में झपकी लेना जरूरी है। यह उनकी याददाश्त, ऊर्जा और मूड को बेहतर बनाता है। दिन में न सोने से वे चिड़चिड़े और थके हुए महसूस कर सकते हैं।
बच्चों के दांतों की देखभाल छोटे समय से शुरू करनी चाहिए, ताकि यह एक स्थायी आदत बन सके। सही टूथपेस्ट, मुलायम ब्रश और नियमित चेकअप से आप अपने शिशु के दांतों को स्वस्थ रख सकते हैं।
प्रेगनेंसी के दौरान बेबी का स्थान गर्भ में समय के साथ बदलता रहता है। गर्भावस्था के शुरुआती महीनों में, भ्रूण गर्भाशय के अंदर दाईं या बाईं किसी भी ओर हो सकता है, क्योंकि इस समय बच्चा बहुत छोटा होता है
बच्चों की सेहत और दिमागी विकास के लिए ड्राई फ्रूट्स हैं सुपरफूड! रोज मुट्ठीभर बादाम, अखरोट, किशमिश जैसे मेवे खिलाएं और पाएं जबरदस्त फायदे – इम्यूनिटी बढ़ेगी, एनर्जी मिलेगी और दिमाग़ भी तेज़ होगा!
1 साल के बच्चे का वजन बढ़ाने के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार, जैसे घी, रागी, दाल, और फल-फ्रूट्स, बेहद फायदेमंद होते हैं। इस लेख में बताए गए व्यावहारिक सुझावों का पालन करके आप अपने बच्चे का स्वास्थ्य बे