
बच्चों की परवरिश एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, विशेषकर जब वे किशोरावस्था में प्रवेश करते हैं। 15 साल की उम्र के बाद, बच्चे कई नई चीज़ें सीखते हैं, लेकिन कुछ आदतें ऐसी होती हैं जो उनके भविष्य के लिए हानिकारक हो सकती हैं। माता-पिता के लिए यह आवश्यक है कि वे इन आदतों की पहचान करें और समय रहते उन्हें रोकें। इस लेख में, हम उन पाँच प्रमुख आदतों पर चर्चा करेंगे जो 15 साल की उम्र के बाद बच्चों में विकसित हो सकती हैं, और उन्हें रोकने के लिए प्रभावी उपाय (Bad Habits After Age Of 15) सुझाएंगे।
आदत | विवरण | रोकथाम के उपाय |
---|---|---|
मदिरापान की शुरुआत | दोस्तों के साथ मिलकर शराब का सेवन करना | बच्चों के साथ खुलकर संवाद करें, शराब के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दें |
धूम्रपान की आदत | साथियों के दबाव में आकर सिगरेट पीना | सकारात्मक संगति को प्रोत्साहित करें, धूम्रपान के नुकसान समझाएं |
स्वतंत्र निर्णय लेना | बिना माता-पिता की सलाह के महत्वपूर्ण फैसले लेना | बच्चों को निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल करें, मार्गदर्शन प्रदान करें |
रात में बाहर रहना | देर रात तक दोस्तों के साथ बाहर रहना | घर में कर्फ्यू समय निर्धारित करें, सुरक्षा के महत्व पर चर्चा करें |
मोबाइल फोन का अत्यधिक उपयोग | पढ़ाई से अधिक समय फोन पर बिताना | स्क्रीन टाइम सीमित करें, वैकल्पिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करें |
1. दोस्तों के साथ मदिरापान की आदत
किशोरावस्था में, बच्चे साथियों के प्रभाव में आकर नई चीज़ें आज़माना चाहते हैं। मदिरापान उनमें से एक है। यह आदत न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि कानूनी समस्याओं का कारण भी बन सकती है।
रोकथाम के उपाय
- खुला संवाद स्थापित करें: बच्चों से शराब के दुष्प्रभावों के बारे में बात करें और उन्हें समझाएं कि यह उनके स्वास्थ्य और भविष्य के लिए कितना नुकसानदायक है।
- सकारात्मक गतिविधियों में शामिल करें: खेल, संगीत या अन्य रचनात्मक गतिविधियों में बच्चों की भागीदारी बढ़ाएं ताकि वे स्वस्थ मनोरंजन की ओर आकर्षित हों।

2. धूम्रपान की आदत
धूम्रपान की शुरुआत अक्सर साथियों के दबाव में होती है। यह आदत स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है और कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है।
रोकथाम के उपाय
- सकारात्मक संगति को प्रोत्साहित करें: सुनिश्चित करें कि आपके बच्चे के दोस्त स्वस्थ आदतों वाले हों।
- धूम्रपान के नुकसान समझाएं: बच्चों को धूम्रपान से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों के बारे में जागरूक करें।

3. स्वतंत्र निर्णय लेना
15 साल की उम्र में, बच्चे स्वयं को बड़ा समझने लगते हैं और अपने फैसले खुद लेना चाहते हैं। हालांकि, बिना अनुभव के लिए गए निर्णय गलत साबित हो सकते हैं।
रोकथाम के उपाय
- निर्णय प्रक्रिया में शामिल करें: बच्चों को निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल करें और उन्हें सही मार्गदर्शन प्रदान करें।
- अनुभव साझा करें: अपने जीवन के अनुभवों को साझा करें ताकि बच्चे समझ सकें कि निर्णय लेते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
4. रात में बाहर रहना
किशोरावस्था में, बच्चे दोस्तों के साथ अधिक समय बिताना चाहते हैं, जिससे रात में बाहर रहने की आदत विकसित हो सकती है। यह सुरक्षा और स्वास्थ्य दोनों के लिए जोखिमपूर्ण है।
रोकथाम के उपाय
- कर्फ्यू समय निर्धारित करें: घर में एक निश्चित समय निर्धारित करें जिसके बाद बच्चे को घर पर रहना चाहिए।
- सुरक्षा पर चर्चा करें: बच्चों को रात में बाहर रहने के संभावित खतरों के बारे में बताएं और उन्हें सुरक्षित रहने के उपाय समझाएं।
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5. मोबाइल फोन का अत्यधिक उपयोग
मोबाइल फोन आज की दुनिया में आवश्यक है, लेकिन इसका अत्यधिक उपयोग पढ़ाई और सामाजिक जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
रोकथाम के उपाय
- स्क्रीन टाइम सीमित करें: बच्चों के लिए दैनिक स्क्रीन टाइम निर्धारित करें और उसका पालन करें।
- वैकल्पिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करें: बच्चों को आउटडोर गेम्स, किताबें पढ़ने या अन्य रचनात्मक कार्यों में शामिल करें ताकि वे फोन से दूर रह सकें।
निष्कर्ष
माता-पिता के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे अपने बच्चों के व्यवहार पर नजर रखें, विशेषकर 15 साल की उम्र के बाद। उपरोक्त आदतें बच्चों के भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं। समय रहते उचित कदम उठाकर और सकारात्मक मार्गदर्शन प्रदान करके, इन आदतों को रोका जा सकता है, जिससे बच्चे का भविष्य उज्ज्वल और सुरक्षित बन सके।
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