एक से दो साल के बच्चों की डाइट: कैसे रखें बच्चों का खानपान सही और पोषक

बच्चों की डाइट में संतुलित पोषण, रंग-बिरंगे विकल्प, और सकारात्मक माहौल उनकी सेहत और खुशहाली के लिए आवश्यक है।

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By Nutan Bhatt

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1 se 2 saal ke bache ka diet chart
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एक से दो साल के बच्चों की डाइट: एक से दो साल के बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास तेजी से होता है। इस समय उनके आहार का सही संतुलन उनकी सेहत और भविष्य की आदतों पर गहरा असर डालता है। बच्चे का सही खानपान न केवल उसकी इम्यूनिटी को मजबूत बनाता है, बल्कि उसे बीमारियों से लड़ने की शक्ति भी प्रदान करता है। इस लेख में हम जानेंगे कि एक से दो साल के बच्चे की डाइट कैसी होनी चाहिए और माता-पिता को इस दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

बच्चे को क्या खिलाएं?

एक से दो साल के बच्चों के लिए हर वो भोजन दिया जा सकता है, जो घर में वयस्क खाते हैं, लेकिन थोड़े बदलाव और सावधानी के साथ। उनकी डाइट में पोषण से भरपूर चीजों को शामिल करना बेहद जरूरी है।

डाइट में शामिल खाद्य पदार्थ:

  1. दूध और डेयरी उत्पाद:
    • दूध बच्चे के लिए कैल्शियम और प्रोटीन का प्रमुख स्रोत है। इसे दिन में 2 बार जरूर दें।
    • पनीर, दही, और मक्खन भी बच्चों के लिए अच्छे विकल्प हैं।
  2. प्रोटीन:
    • अंडा, चिकन, और मछली को उनकी डाइट में शामिल करें।
    • शाकाहारी बच्चों के लिए दालें, मूंगफली, और बादाम प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत हैं।
  3. फल और सब्जियां:
    • मौसमी फल जैसे केला, सेब, पपीता, और संतरा।
    • सब्जियां जैसे पालक, मटर, गाजर, और कद्दू। इन्हें नरम बनाकर या प्यूरी के रूप में दें।
  4. अनाज और दालें:
    • चावल, रोटी, और दलिया।
    • मूंग दाल, मसूर दाल को हल्के मसालों के साथ पकाकर खिलाएं।
  5. वसा:
    • बच्चों की डाइट में अच्छी वसा का होना जरूरी है।
    • घी और नारियल तेल के साथ खाना बनाएं।

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स्नैक्स का विकल्प:

बच्चों को चॉकलेट, चिप्स, और जंक फूड देने के बजाय फल, सूखे मेवे, या होममेड स्नैक्स दें। यह उनकी सेहत के लिए फायदेमंद होगा।

1 से 2 साल के बच्चे को कितना खिलाएं?

  1. ठोस आहार:
    • बच्चे को पूरे दिन में 3 से 4 बार एक कटोरी ठोस आहार दें।
    • इसके साथ हर दो मुख्य भोजन के बीच 1-2 बार स्नैक्स दें।
  2. डाइट में बदलाव:
    • जब बच्चा चलने लगे, तो उसकी डाइट में थोड़ा बदलाव करें।
    • दिन में 4-5 बार खाना और 2 बार स्नैक्स देना पर्याप्त है।
  3. दूध:
    • अगर आप बच्चे को अपना दूध नहीं पिला रही हैं, तो ठोस आहार की मात्रा बढ़ा दें।
    • दूध से बने उत्पाद जैसे दही और पनीर आवश्यक रूप से दें।

1 से 2 साल के बच्चे को क्या न खिलाएं?

इस उम्र में कुछ खाद्य पदार्थ बच्चों के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। उनके आहार में इन चीजों से बचना चाहिए:

  1. जंक फूड और स्नैक्स:
    • चॉकलेट, चिप्स, कुकीज, केक, और कैंडी।
    • इनमें उच्च मात्रा में शुगर, नमक और केमिकल होते हैं, जो बच्चों के लिए हानिकारक हैं।
  2. सॉफ्ट ड्रिंक और सोडा:
    • यह बच्चों की पाचन क्रिया को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
  3. अत्यधिक तला और मसालेदार खाना:
    • ये खाद्य पदार्थ बच्चे के पेट के लिए भारी हो सकते हैं।

1 से 2 साल के बच्चे को कैसे खिलाएं?

बच्चों को क्या और कितना खिलाना है, यह समझने के साथ यह जानना भी जरूरी है कि उन्हें कैसे खिलाया जाए। बच्चों के लिए खाने का समय मजेदार और आरामदायक बनाएं।

  1. मात्रा तय करें:
    • बच्चे के लिए एक कटोरी फिक्स करें। इससे हर बार समान मात्रा में आहार देना आसान होगा।
  2. समय दें:
    • बच्चों को खाना खाने में समय लगता है। उन्हें जल्दी खिलाने की कोशिश न करें।
  3. सकारात्मक माहौल बनाएं:
    • बच्चे को खाने के लिए प्रेरित करें।
    • खिलाते वक्त उसके साथ बातचीत करें।
  4. स्वस्थ खाने की आदतें विकसित करें:
    • उन्हें धीरे-धीरे और अच्छी तरह चबाकर खाने की आदत डालें।

जब बच्चा खाना खाने से मना करे

यह समस्या लगभग हर माता-पिता के सामने आती है। इस स्थिति में धैर्य रखना और सही तरीके अपनाना जरूरी है।

क्या करें?

  • रंगीन खाना पेश करें:
    • बच्चों को रंगीन चीजें आकर्षित करती हैं। उनकी थाली में रंग-बिरंगे फल और सब्जियां रखें।
  • स्वाद विकसित करें:
    • शुरू में वह जो पसंद करता है, वही खिलाएं। धीरे-धीरे अन्य खाद्य पदार्थ मिलाएं।
  • प्रोत्साहन दें:
    • खाने को मजेदार बनाएं। जैसे, उनके खाने के साथ छोटी कहानियां सुनाएं।
  • दबाव न डालें:
    • अगर बच्चा खाना नहीं खाता, तो उसे जबरदस्ती न खिलाएं। थोड़ी देर बाद दोबारा कोशिश करें।

क्या न करें?

  • स्नैक्स से समझौता न करें:
    • यदि बच्चा खाना नहीं खा रहा है, तो उसे स्नैक्स देकर तृप्त करने की कोशिश न करें।
  • गुस्सा न करें:
    • बच्चा अगर कुछ खाने से मना करे, तो उस पर गुस्सा न करें।

सप्ताहभर का डाइट प्लान (उदाहरण)

समयआहार सुझाव
सुबह 8 बजेदूध या रागी दलिया
सुबह 10 बजेकेला या सेब प्यूरी
दोपहर 1 बजेदाल-चावल, सब्जी और दही
शाम 4 बजेसूजी हलवा या उबला आलू
रात 7 बजेवेजिटेबल खिचड़ी
रात 9 बजेदूध

एक से दो साल का समय बच्चों की खाने की आदतों को विकसित करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। उनकी डाइट में पोषण, विविधता, और नियमितता का ध्यान रखें। धैर्य और समझदारी के साथ बच्चों को स्वस्थ खाने की आदतें सिखाएं। यह न केवल उनकी सेहत को बेहतर बनाएगा, बल्कि भविष्य में उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करेगा।

Author
Nutan Bhatt
मैं नूतन भट्ट हूँ, शिवांग की माँ और mumbabysparsh.com की संस्थापक। एक नई माँ के रूप में, मैंने अपनी मातृत्व यात्रा के दौरान सीखे गए सबक और अनुभवों को साझा करने का फैसला किया। मेरा लक्ष्य है अन्य नई माओं को प्रेरित करना और उनकी मदद करना, ताकि वे इस चुनौतीपूर्ण और खुशियों भरी यात्रा में आत्मविश्वास से आगे बढ़ सकें। मेरे लेख बच्चों की देखभाल, स्वास्थ्य, और मातृत्व के सुखद अनुभवों पर केंद्रित हैं, सभी को हिंदी में सरल और सुगम भाषा में प्रस्तुत किया गया है। मैं आशा करती हूँ कि मेरे विचार और सुझाव आपकी मातृत्व यात्रा को और अधिक खुशहाल और सुगम बनाने में मदद करेंगे।

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